नीमच रिश्वत कांड पर भड़के दिग्विजय सिंह, कलेक्टर-एसपी से मांगा जवाब

नीमच

जनपद पंचायत जावद के अध्यक्ष गोपाल चारण के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में लगभग तीन साल तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कलेक्टर और एसपी को संबोधित पोस्ट करते हुए कई सवाल किए हैं और जवाब नहीं मिलने की दशा में कहा कि अन्यथा मुझे आपकी जनसुनवाई में आना पड़ेगा।

सोशल मीडिया पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने 30 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने जावद के अध्यक्ष के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर गिरफ्तार नहीं किए, पद से नहीं हटाए जाने और सरपंच व सचिव के भ्रष्टाचार की जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद पंचायत अधिनियम के तहत पद से बेदखल नहीं करने जैसे सवाल उठाए हैं। नीमच कलेक्टर व एसपी से सवालों के जवाब मांगे हैं।

 

मध्यप्रदेश भवन में 2 दिवसीय समर वर्कशॉप का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन

भोपाल 

नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित मध्यप्रदेश भवन में आयोजित 2 दिवसीय समर वर्कशॉप का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गत दिवस हुआ। समापन समारोह में सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  शिवशेखर शुक्ला ने प्रतिभागियों के उत्साह और रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास में मदद मिलती है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पद्म कालूराम बामनिया द्वारा प्रस्तुत कबीर गायन तथा  महेश कुलश्रेष्ठ की मनमोहक ‘फूलपाती’ नृत्य प्रस्तुति रही। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मध्यप्रदेश की समृद्ध लोक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। कार्यशाला में प्रतिभागियों के लिए हीटलेस कुकिंग (बिना आग के खाना बनाना), फैब्रिक पेंटिंग, मधुबनी पेंटिंग कला तथा डीआईवाई (DIY) क्रॉफ्ट सत्र जैसी रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

समारोह में ट्रेज़र हंट प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। दो दिनों तक चली इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को सीखने, सृजनात्मकता विकसित करने और मनोरंजन के साथ नई गतिविधियों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन उत्साह, उमंग और मधुर स्मृतियों के साथ हुआ।

 

NEET पेपर लीक के विरोध में भोपाल में उग्र प्रदर्शन, NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

भोपाल

नीट (NEET) पेपर लीक मामले के विरोध में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग कर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कर दिया। इस हिंसक झड़प में NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए ‘सिद्धांत’ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

प्रदर्शन के दौरान लगाए गए बैरिकेड्स

नीट परीक्षा में हुई विसंगतियों और पेपर लीक के खिलाफ एनएसयूआई द्वारा आयोजित इस उग्र प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही मजबूत बैरिकेड्स लगा रखे थे। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने के लिए इन बैरिकेड्स को पार करने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के नाम पर किए गए लाठीचार्ज में प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार को गंभीर चोटें आईं।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की गिरफ्तारी

इस बड़े विरोध-प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और गर्मा गया जब प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पुलिस ने विधिक हिरासत में लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के इस आंदोलन को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का पूरा विधिक समर्थन मिल रहा था, जिसके चलते पेपर लीक मामले के विरोध में हुई इस गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है।

 

मध्य भारत की हृदयस्थली में नई संभावनाओं को साकार करने वाला राजमार्ग : बोरगांव से शाहपुर तक

भोपाल 

मध्यप्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे कृषि क्षेत्र और मध्य भारत के केले के प्रमुख केन्द्र खंडवा और बुरहानपुर में प्रतिवर्ष 1.7 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक केले का उत्पादन होता है। यहां से प्रतिदिन 140 भारी-भरकम ट्रक घरेलू बाजारों और अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक केले पहुंचाते हैं। वर्षों से इन ट्रकों को संकरी और जर्जर सड़कों से होकर गुजरना पड़ता था। इससे आवागमन धीमा हो जाता था, यात्रा का समय बढ़ जाता था और परिवहन एक कठिन कार्य बन जाता था। लेकिन महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत एनएच-753एल के बोरगांव से शाहपुर खंड के आधुनिक चार-लेन वाले राजमार्ग गलियारे के रूप में विकसित होने से अब यह स्थिति बदलने वाली है।

एनएच-753एल का बोरगांव से शाहपुर तक का खंड रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और यह महाराष्ट्र में बोरगांव बुजुर्ग से मुक्तईनगर तक फैले एक बड़े गलियारे का हिस्सा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित इस गलियारे से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच अंतर-राज्यीय संपर्क को नया रूप मिलने की उम्मीद है। लगभग 944 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा यह गलियारा लगभग 47 किलोमीटर लंबा है और इसका 85 प्रतिशत निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पूर्ण रूप से निर्मित होने के बाद, यह मार्ग इंदौर और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के बीच एक तेज, सुरक्षित एवं  अधिक कुशल वैकल्पिक संपर्क के रूप में उभरेगा और क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करते हुए अंतर-राज्यीय परिवहन की एक प्रमुख धुरी बन जाएगा।

खेत से बाजार तक के संपर्क को मजबूती

यह परियोजना केले, कपास, सोयाबीन और गेहूं जैसी फसलों के लिए प्रसिद्ध कृषि प्रधान क्षेत्रों से होकर गुजरती है। स्थानीय किसानों और ट्रांसपोर्टरों के लिए, इन बेहतर सड़कों का सीधा लाभ यह होगा कि उनकी बाजार तक तेजी से पहुंच संभव होगी और परिवहन लागत में कमी आएगी।

इस क्षेत्र के गांवों के लिए, यह राजमार्ग पहले से ही दैनिक जीवन में एक बड़ा सुधार साबित हो रहा है। बुरहानपुर जिले की झीरी पंचायत की सरपंच आशा कैथवास बताती हैं कि पुरानी सड़क की खराब हालत के कारण परिवहन कितना कठिन हो गया था। उनके अनुसार, क्षतिग्रस्त सतहों और गड्ढों के कारण भारी वाहनों की आवाजाही पहले बेहद चुनौतीपूर्ण थी। नए राजमार्ग के बनने से ट्रकों की आवाजाही काफी सुगम हो गई है। इससे किसानों और ट्रांसपोर्टरों, दोनों को कृषि उपज को अधिक कुशलता से ले जाने में मदद मिल रही है।

इस गलियारे में 1 रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), 7 बड़े पुल, 20 छोटे पुल, 98 पुलिया, 3 हल्के वाहनों के लिए अंडरपास (एलवीयूपी), 5 छोटे वाहनों के लिए अंडरपास (एसवीयूपी) और 6 वाहनों के लिए अंडरपास (वीयूपी) शामिल हैं। इनमें से कई संरचनाओं को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि स्थानीय संपर्क बाधित न हो और गांवों, खेतों एवं आसपास के इलाकों के बीच आवागमन सुचारू व निर्बाध बना रहे।

शहरों को करीब लाना

शाहपुर-बुरहानपुर इलाके के कोल्ड स्टोरेज संचालक गोपाल कडुतेमकर बताते हैं कि जलगांव लगभग 90 किलोमीटर दूर है, जबकि महाराष्ट्र की सीमा यहां से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर है। उनका मानना ​​है कि इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इसके पूरा होने के बाद इंदौर और मालवा क्षेत्र एक-दूसरे के बेहद करीब महसूस करेंगे। तेज यात्रा, परिवहन की लागत में कमी और सुगम आवागमन से स्थानीय व्यवसायों, आपातकालीन यात्रा तथा दैनिक आवागमन को लाभ होने की उम्मीद है।

शाहपुर और बुरहानपुर के आसपास रहने वाले कई निवासियों के लिए, महाराष्ट्र से संपर्क हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि यह क्षेत्र राज्य की सीमा के निकट है। पूरा होने पर, यह नया राजमार्ग आसपास के शहरों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच को काफी आसान बना देगा।

परियोजना का संक्षिप्त विवरण: एनएच-753एल का बोरेगांव-शाहपुर खंड

  •     परियोजना की लागत: 944 करोड़ रुपये
  •     कुल लंबाई: लगभग 47 किलोमीटर
  •     निर्माण में प्रगति: लगभग 85 प्रतिशत पूर्ण
  •     जुड़ने वाले प्रमुख राज्य: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र
  •     प्रमुख संपर्क मार्ग: इंदौर – खंडवा – बुरहानपुर – जलगांव – छत्रपति संभाजीनगर
  •     प्रमुख अवसंरचना: 1 आरओबी, 7 बड़े पुल, 20 छोटे पुल, 98 पुलिया, 14 अंडरपास
  •     कस्बों और शहरी क्षेत्रों में भीड़ कम करने के लिए लगभग 26 किलोमीटर का बाईपास
  •     सुरक्षित स्थानीय आवागमन हेतु 19 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड तेज और सुरक्षित आवागमन हेतु डिजाइन किया गया

इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में से एक इसका सुनियोजित भविष्योन्मुखी अवसंरचना विकास है। इसमें लगभग 26 किलोमीटर लंबी एक व्यापक बाईपास प्रणाली का विकास शामिल है, जो कुल मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारी एवं द्रुत यातायात को शहरों और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर मोड़ना है। इससे शहरी क्षेत्रों में भीड़भाड़, प्रदूषण और यात्रा में होने वाली देरी में कमी आएगी। साथ ही, स्थानीय यातायात की सुरक्षित और सुगम आवाजाही के लिए 19 किलोमीटर लंबी सर्विस रोडों का निर्माण किया जा रहा है। ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों, कृषि क्षेत्रों और छोटी बस्तियों को जोड़ेगी। इससे स्थानीय यात्री मुख्य राजमार्ग पर आए बिना सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकेंगे।

अंतर-राज्यीय संपर्क को बढ़ावा

यह मार्ग महाराष्ट्र के मुक्तईनगर क्षेत्र की ओर आगे बढ़ता है, जिससे एक मजबूत अंतर-राज्यीय संपर्क स्थापित होता है। यह गलियारा स्थानीय संपर्क से कहीं आगे बढ़कर इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, जलगांव और छत्रपति संभाजीनगर को जोड़ने वाले एक सुव्यवस्थित परिवहन नेटवर्क के निर्माण में योगदान देता है।

इस परियोजना का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त वैकल्पिक आर्थिक गलियारे के रूप में इसकी भूमिका है। वर्तमान में, इंदौर और छत्रपति संभाजीनगर के बीच यातायात काफी हद तक पारंपरिक मार्गों पर निर्भर करता है, जहां अक्सर जाम, संकरी सड़कें और लंबी यात्रा अवधि जैसी समस्याएं होती हैं। इससे यात्री और माल ढुलाई, दोनों प्रभावित होती हैं। बोरगांव बुजुर्ग से मुक्तईनगर तक के पूरे मार्ग को आधुनिक चार-लेन वाले गलियारे के रूप में विकसित करने से एक तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, विशेष रूप से भारी वाहनों और माल परिवहन के लिए।

इस गलियारे के विकास से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवाओं जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।

आशा की एक नई किरण

शाहपुर-बुरहानपुर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए, एनएच-753एल का बोरगांव-शाहपुर खंड कंक्रीट और डामर की एक पट्टी से कहीं अधिक मायने रखता है। स्थानीय कोल्ड स्टोरेज संचालक कडुतेमकर बताते हैं कि यह सड़क अस्पतालों, बाजारों, उद्योगों और अवसरों को उन समुदायों के करीब लाएगी जो लंबे समय से बुनियादी जरूरतों के लिए भी दूर के संपर्कों पर निर्भर रहे हैं।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संबंधों को मजबूत करते हुए और इंदौर तथा मालवा क्षेत्र को पहले से कहीं अधिक करीब लाते हुए, यह गलियारा रोजमर्रा की जिंदगी को नया रूप देने के लिए तैयार है – यह लंबी व अनिश्चित यात्राओं को तेज, सुरक्षित एवं अपेक्षाकृत अधिक जुड़ाव वाली यात्राओं में बदल रहा है।

 

20 साल बाद MP में लौटेगी सरकारी बस सेवा, केसरिया रंग की बसें दौड़ेंगी सड़कों पर

भोपाल

 सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत प्रदेश में केसरिया रंग की बसें दौड़ेंगी। बीच में सफेद रंग की पट्टी होगी। पीएम ई-बस सेवा की बसों का रंग भी लगभग इसी तरह का है। सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश भर में 10 हजार से अधिक बसें चलेंगी।

पहले चरण में शहरी, उपनगरीय और दूसरे राज्यों के लिए एक साथ बसें चलाने की तैयारी है। इसकी शुरुआत जुलाई से इंदौर संभाग से करने का प्रयास है। शीघ्र ही बोर्ड की मीटिंग होने वाली है। इसके बाद कंपनी में भर्ती शुरू होगी। सरकार निजी बसों को अनुबंधित कर अपने नियंत्रण में संचालित करेगी। संचालन के लिए संभागीय स्तर पर सात कंपनियां बनाई गई हैं।

मप्र राज्य सड़क परिवहन सेवा की बसें चलती थीं

बता दें कि प्रदेश में मप्र राज्य सड़क परिवहन सेवा की बसें चलती थीं। घाटे के चलते तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने दिसंबर 2002 में सेवा बंद करने का निर्णय लिया था। वर्ष 2005 से यह बसें बंद हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्ता संभालने के दो माह के भीतर फिर शासकीय नियंत्रण में सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

लगभग दो वर्ष की तैयारी के बाद अब बसों का संचालन शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है, जिनका किराए को लेकर निर्णय अभी होना है। बस संचालक किराया बढ़ाने की लगातार मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 से किराया नहीं बढ़ाया गया है, जबकि डीजल की कीमतें व अन्य खर्च बढ़े हैं।

पहले चरण में दो वर्ष में 5206 बसें चलेंगी

योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो वर्षों में किया जाएगा। इनमें इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों पर कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों पर 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों पर 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों पर 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों पर 298 बसें और रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों पर 184 बसें चलाई जाएंगी। क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग स्वीकृति के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बसों की निगरानी के लिए इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) स्थापित किया जा रहा है।

जबलपुर में ‘हमारे राम’ कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगी आग, बड़ा हादसा टला

जबलपुर

 शक्ति भवन स्थित तरंग ओडिटोरियम शनिवार की शाम करीब सात बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब ‘हमारे राम’ कार्यक्रम के मंचन के दौरान शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। आग लगते हैं लाइट बंद हो गई और ओडिटोरियम सहित परिसर में अंधेरा छा गया।

आग लगने और कक्ष से धुआं निकलता देख दर्शक और कलाकार बाहर की तरफ भागने लगे। आयोजकों ने मोबाइल के टार्च की रोशनी अभिनेता आशुतोष राणा सहित मंडली के अन्य कलाकारों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं नगर निगम के फायर बिग्रेड को भी सूचना दी गई।

ग्रीन रूम में लगी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के दौरान शनिवार की ‘ हमारे राम’ कार्यक्रम के मंचन के दौरान शाम करीब सात बजे ग्रीन के पास पास शार्ट सर्किट से आग लग गई। बिजली भी बंद हो गई। आग धीरे-धीरे भड़कने लगी और पूरे ग्रीन सहित आस-पास धुआं का गुबार छा गया। बिजली गुल होने आग लगने से आयोजन स्थल में अफरातफरी मच गई। दर्शक सीट छोड़कर बाहर आ गए।

पर्याप्त नही थे अग्नि सुरक्षा के इंतजाम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तरंगा ओडिटोरियम में आग से बचाव के सुरक्षा उपकरण भी पर्याप्त नही थे। आयोजक व ओडिटोरियम के कर्मचारियों ने मौजूद अग्निशमन संयंत्रों से आग बुझाने की कोशिश की परंतु सफलता नही मिली। नगर निगम के फायर बिग्रेड ने सूचना मिलते ही एक दमकल वाहन रवाना किया। दमकल कर्मियों कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। गनीमत रही कि आग भड़की नही वरना बड़े हादसे भी इंकार नही किया जा सकता।

 

नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य: मंत्री पटेल

नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य: मंत्री पटेल

अमरकंटक धाम में तीन दिवसीय ‘स्वच्छता व कुण्ड सेवा अभियान में स्वयं किया श्रमदान

भोपाल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि माँ नर्मदा केवल आस्था की प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन और अस्तित्व का आधार हैं। हमारी नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक को अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए। मंत्री पटेल ने यह विचार अमरकंटक धाम स्थित माँ नर्मदा नदी के पावन उद्गम स्थल पर 29 से 31 मई तक आयोजित इस विशेष स्वच्छता अभियान में श्रमदान के दौरान व्यक्त कियें। मंत्री पटेल ने विशेष बल देते हुए कहा कि नदियों का संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन का आधार है, क्योंकि यदि आज हम जल स्रोतों और उद्गम स्थलों को संरक्षित करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियाँ जल संकट से बच सकेंगी।

मंत्री पटेल ने स्वयं उपस्थित होकर जनभागीदारी के साथ सक्रिय रूप से श्रमदान किया। ‘मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन’ एवं ‘निर्विकार पथ’ के सेवाभावी कार्यकर्ताओं के सहयोग से संचालित इस अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर उद्गम और कुण्ड क्षेत्र की स्वच्छता, संरक्षण तथा सेवा कार्यों में अपना योगदान दिया, जिससे यह अभियान क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है।

उल्लेखनीय है कि मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल लंबे समय से जल संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से पूरे प्रदेश में जल संरचनाओं के पुनर्जीवन, नदियों की स्वच्छता और जनजागरण के कार्यों को व्यापक गति मिली है। अमरकंटक में माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पर किया गया यह श्रमदान उसी पर्यावरण-संरक्षण के संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जो समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करेगा और जनसहभागिता से जल संरक्षण के इस प्रयास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

 

अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, पूर्व सरपंच समेत 8 लोगों पर 5 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना

पांढुर्ना 

पांढर्णा में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए छह प्रकरणों में कुल 5 करोड़ 44 लाख 27 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस कार्रवाई में एक पूर्व सरपंच, तत्कालीन सचिव, ठेकेदार सहित आठ लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है। 

कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देश पर खनिज विभाग और राजस्व अधिकारियों द्वारा की गई जांच में अवैध रेत, मिट्टी और मुरम उत्खनन के मामलों का खुलासा हुआ, जिसके बाद मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम-2022 के तहत कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिनकी जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों पर करोड़ों रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है।

रंगारी में सबसे बड़ा घोटाला, 5.26 करोड़ का अर्थदंड
सबसे बड़ा मामला सौंसर तहसील के ग्राम रंगारी में सामने आया। जांच के दौरान पाया गया कि स्वीकृत खदान लीज क्षेत्र की सीमा से बाहर जाकर करीब 3510 घनमीटर रेत का अवैध उत्खनन किया गया था। यह उत्खनन नियमों और स्वीकृत शर्तों के विपरीत पाया गया। मामले में तत्कालीन सरपंच प्रतिभा आनंदराव ठाकरे, तत्कालीन ग्राम सचिव तथा संबंधित ठेकेदार की भूमिका सामने आने पर तीनों को संयुक्त रूप से जिम्मेदार मानते हुए 5 करोड़ 26 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। यह जिले में अवैध खनन से जुड़े मामलों में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई मानी जा रही है।

जांच में सामने आई राजस्व हानि
अधिकारियों के अनुसार लीज क्षेत्र से बाहर खनिज निकालने के कारण शासन को भारी राजस्व हानि हुई। साथ ही नदी और आसपास के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद अंतिम आदेश पारित किया गया।

निजी भूमि पर भी नहीं मिली राहत
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध उत्खनन चाहे शासकीय भूमि पर हो या निजी भूमि पर, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में जिले के विभिन्न गांवों में निजी भूमि से मिट्टी, मुरम और रेत निकासी के मामलों में भी दंडात्मक कार्रवाई की गई। घोतकी निवासी तीरथ पेमचंद काहार पर सावंगा स्थित भूमि में अवैध उत्खनन पाए जाने पर 2 लाख 73 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं रामाकोना निवासी अशोक भाउराव उपासे पर सुरिया बुरिया क्षेत्र में अवैध खनन के मामले में 4 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना किया गया।

इसी प्रकार बोरगांव निवासी विजय देवीलाल प्रजाति पर खैरीतायगांव क्षेत्र में अवैध उत्खनन के लिए 2 लाख 73 हजार रुपये, जबकि काजलवानी में भूमि स्वामी असलमबी हबीबउल्ला और भट्टा संचालक नासिर हबीबउल्ला पर संयुक्त रूप से 4 लाख 35 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। काजलवानी क्षेत्र में ही भूमि स्वामी अजीजउल्ला हबीबउल्ला पर 2 लाख 73 हजार रुपये व रामाकोना निवासी विजय बलवंत वानखेड़े पर 4 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

एक माह की मोहलत, फिर होगी राजस्व वसूली
प्रशासन ने सभी आरोपितों को निर्धारित अर्थदंड की राशि जमा करने के लिए एक माह का समय दिया है। आदेश में कहा गया है कि तय अवधि में राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उसे भू-राजस्व बकाया मानकर वसूला जाएगा। इसके लिए राजस्व वसूली की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

जिलेभर में बढ़ेगी निगरानी
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन अब जिले के अन्य खनन क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों की भी समीक्षा कर रहा है। अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर नजर रखने के लिए राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग के संयुक्त दलों को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सकेगा। जिले में हुई इस बड़ी कार्रवाई को प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है। करोड़ों रुपए के अर्थदंड ने साफ संकेत दे दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब कठोर कदम उठाए जाएंगे। 

 

युवा देश की आशा और सामर्थ्य : राज्यपाल पटेल

युवा देश की आशा और सामर्थ्य : राज्यपाल पटेल

भावी जीवन में संवेदना के साथ उत्कृष्टता पर बल दे : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल सिस्टेक ग्लोरी समारोह में हुए शामिल

भोपाल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि युवा हमारे देश की आशा और सामर्थ्य हैं। उनके विचार और चरित्र ही देश का भविष्य तय करेंगे। जरूरी है कि हमारे युवा जो भी कार्य करें उसमें उत्कृष्टता और संवेदना पर विशेष बल दें। उन्होंने कहा कि जीवन में संवेदना का भाव ही सबसे महत्वपूर्ण है। ममता और करुणा का मोल पैसों से कहीं ज्यादा है। इसलिए भावी जीवन में सफलता की ऊंचाईयों पर चढ़ते कभी भी उन लोगों को नहीं भूलें जिन्होंने आपका सहयोग किया है।

राज्यपाल श्री पटेल शनिवार को रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में आयोजित सिस्टेक ग्लोरी समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल का कार्यक्रम में शॉल और स्मृति चिन्ह् भेंट कर अभिनन्दन किया गया। प्रारम्भ में राज्यपाल श्री पटेल ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। 

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जीवन में हर पहलु के दो पक्ष होते हैं। सफलता सही दिशा में सही प्रयासों में है। उन्होंने कहा कि सफलता अकेले की नहीं होती है। समाज के अनेक लोगों का प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से योगदान होता है। उन्होंने एक दृष्टांत के माध्यम से बताया कि जीवन में कभी भी कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे माता-पिता को कष्ट हो। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। निष्ठावान प्रयास ही सबसे महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ग्लोरी आयोजन केवल नौकरी प्राप्त करने का उत्सव नहीं है। जीवन में नई जिम्मेदारियों और नए संकल्पों की शुरुआत का भी प्रसंग है। प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व है कि भावी जीवन में अपने ज्ञान और प्रतिभा के उपयोग से गरीब और वंचित लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के समाज के प्रयासों में योगदान दे। आपकी मेहनत और ईमानदारी से ही आपकी व्यक्तिगत, संस्था की और देश की खुशहाली और उन्नति होगी। देशभक्ति का सबसे प्रभावी तरीका सेवा भाव और समर्पण के साथ अपने कार्यों और कर्तव्यों को करना है।  

सागर समूह के चेयरमैन श्री सुधीर अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की उन्नति के लिए कड़ा परिश्रम ही एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि कर्म का फल अवश्य मिलता है। समूह के प्रबंध संचालक श्री सिद्धार्थ सुधीर अग्रवाल ने संस्थान की कार्य संस्कृति से प्रेरणा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने दृष्टांत के द्वारा बताया कि सकारात्मक दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। इसलिए असफलताओं से कभी भी घबराएं नहीं। स्वागत उद्बोधन निदेशक डा. ज्योति देशमुख ने दिया। आभार प्रदर्शन ग्रुप हेड कॉरपोरेट रिलेशंस सुश्री प्राची श्रीवास्तव ने किया।

 

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन

शुजालपुर में ऊर्जीकृत हुआ 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

शुजालपुर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन प्लानिंग क्राइटेरिया का पालन करते हुए शाजापुर जिले के  220 के वी सब स्टेशन शुजालपुर मे एक नया 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने सीईए की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते  हुए इस ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने में सफलता प्राप्त की है।

शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी में हुई वृद्धि

 एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता उज्जैन अनिल सक्सेना ने जानकारी दी कि इस क्षमता वृद्धि से शुजालपुर 220 के वी सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 793 एम वी ए की हो गई है, वहीँ शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढकर 1926 एमवीए की हो गई है। शाजापुर जिले मे एमपी ट्रांसको अपने 11 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 220 केवी के दो सब स्टेशन शुजालपुर, शाजापुर एवं 132 के वी के 9 सबस्टेशन पोलाइकलां, अरनिया कलां, मक्सी, बेरछा, मोहन बादोदिया,  कालापीपल, शुजालपुर,  शाजापुर,  पनवाडी  शामिल हैं।

 

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